पुरानी कार: मीटर पीछे किया है या एक्सीडेंट हुआ है? कार खरीदने से पहले ये 4 जगह जरूर देखें!

सेकंड हैंड कार मार्केट में “मीटर बैक” (Odometer Tampering) करना आम बात है। 1 लाख चली हुई गाड़ी को 40 हजार दिखा कर बेचा जाता है। आप ठगी का शिकार न हों, इसलिए हम लाए हैं एक्सपर्ट टिप्स।

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  1. Service History (सबसे जरूरी): डीलर की बातों पर भरोसा न करें। गाड़ी का नंबर ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर (जैसे Maruti/Hyundai) में चेक कराएं। आपको पता चल जाएगा कि आखिरी सर्विस कब और कितने किलोमीटर पर हुई थी।
  2. Pedals और Steering की घिसावट: अगर मीटर पर सिर्फ 30,000 किमी है, लेकिन ब्रेक/क्लच पैडल की रबर पूरी घिस चुकी है और स्टीयरिंग चिकना हो गया है, तो समझ जाएं कि गाड़ी 1 लाख किमी से ऊपर चली है।
  3. Bonnet के नीचे की सील (Sealant): बोनट खोलें और किनारों पर कंपनी की पेस्टिंग (Pasting) देखें। अगर पेस्टिंग सख्त है या उखड़ी हुई है, तो गाड़ी का फ्रंट एक्सीडेंट हुआ है और बोनट बदला गया है।
  4. पानी के निशान (Flooded Car): सीट बेल्ट को पूरा बाहर खींचें। अगर उसके अंदर कीचड़ या फफूंद (Fungus) के निशान हैं, तो यह बाढ़ में डूबी हुई गाड़ी है। ऐसी गाड़ी कभी न लें, वायरिंग में हमेशा दिक्कत रहेगी।
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Conclusion: पुरानी कार जल्दबाजी में न खरीदें। मैकेनिक और सर्विस रिकॉर्ड ही आपको असली सच्चाई बता सकते हैं।

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