सावधान: क्या आप भी बिना ‘Seatbelt’ लगाए एयरबैग्स के भरोसे बैठे हैं? एक्सीडेंट हुआ तो एयरबैग ही लेगा आपकी जान!

आजकल हर कोई कार खरीदते वक्त पूछता है— “भैया, इसमें कितने एयरबैग्स हैं?” हमें लगता है कि अगर गाड़ी में 6 एयरबैग्स हैं, तो हम लोहे के कवच में हैं। इसी गलतफहमी में कई लोग (खासकर को-पैसेंजर) सीटबेल्ट नहीं लगाते।

लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी डैशबोर्ड पर लिखा “SRS Airbag” का असली मतलब क्या है? अगर नहीं, तो आप अपनी जान के साथ खेल रहे हैं।


1. SRS का मतलब: “सहायक” (Helper), मुख्य नहीं!

एयरबैग के आगे हमेशा SRS लिखा होता है।

  • Full Form: Supplemental Restraint System.
  • Hindi Meaning: इसका मतलब है “पूरक सुरक्षा प्रणाली”। यानी यह सुरक्षा का दूसरा चरण है। पहला चरण सीटबेल्ट है। अगर आपने सीटबेल्ट नहीं लगाई है, तो एयरबैग सिस्टम को यह सिग्नल मिलता है कि पैसेंजर सुरक्षित स्थिति में नहीं है।
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2. एयरबैग ‘खुलेंगे’ नहीं, ‘मुंह तोड़ देंगे’

कई कारों में सेंसर ऐसे होते हैं कि अगर सीटबेल्ट नहीं लगी, तो एयरबैग नहीं खुलता। लेकिन अगर खुल भी गया, तो वो और भी खतरनाक है। कैसे?

  • Physics: एक्सीडेंट होते ही आपका शरीर बुलेट की रफ़्तार से आगे गिरता है।
  • Blast: उसी वक्त एयरबैग 300 km/hr की रफ़्तार से आपकी तरफ खुलता है (यह एक छोटा धमाका होता है)।
  • Result: अगर सीटबेल्ट नहीं है, तो आपका चेहरा और एयरबैग बीच में टकराएंगे। यह टक्कर इतनी तेज होगी कि आपकी गर्दन टूट सकती है या नाक की हड्डी चकनाचूर हो सकती है।

सीटबेल्ट आपको सीट से चिपका कर रखती है ताकि एयरबैग आपको “कुशन” (Cushion) दे सके, न कि “मुक्का” (Punch) मारे।

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3. पीछे बैठने वाले (Rear Seat) ज्यादा खतरे में

साइरस मिस्त्री के एक्सीडेंट के बाद यह बात सबको समझ आ जानी चाहिए।

  • पीछे बैठने वाले सोचते हैं कि आगे की सीट उन्हें बचा लेगी।
  • लेकिन तेज टक्कर में पीछे वाला यात्री “मिसाइल” की तरह आगे उड़ता है, आगे वाली सीट को तोड़ता है और आगे बैठे इंसान को भी मार सकता है।

4. सीटबेल्ट का ‘क्लिप’ (Dummy Clip) लगाना बेवकूफी है

कई लोग सीटबेल्ट की “टीं-टीं” आवाज़ बंद करने के लिए मार्किट से 50 रुपये का नकली क्लिप लगाकर लगा देते हैं।

  • यह आत्महत्या करने जैसा है। आप गाड़ी के कंप्यूटर को धोखा दे रहे हैं कि आपने बेल्ट पहनी है। एक्सीडेंट के वक्त एयरबैग खुलेगा और आपकी गर्दन तोड़ देगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

गाड़ी चाहे 5 लाख की हो या 5 करोड़ की, अगर सीटबेल्ट नहीं है, तो एयरबैग किसी काम का नहीं। यह सिर्फ एक गुब्बारा नहीं, एक बम है जो आपकी सुरक्षा के लिए है, लेकिन तभी जब आप नियमों का पालन करें।

अगली बार गाड़ी में बैठते ही ‘क्लिक’ की आवाज़ सुनना न भूलें!

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