सोचिए, आप अपने घर पर आराम से बैठे हैं, आपकी गाड़ी गैराज में खड़ी है, और अचानक मोबाइल पर एक मैसेज आता है— “दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग के लिए आपका 2000 रुपये का चालान कट गया है!”
सुनकर दिमाग घूम जाता है ना? आप सोचते हैं— “अरे भाई! मैं तो वहां गया ही नहीं, मेरी गाड़ी तो घर के बाहर खड़ी है, फिर ये चालान कैसे?”
यह कोई कहानी नहीं, हकीकत है। मेरे खुद के साथ ऐसा हो चुका है। हमारी बोलेरो (Bolero) घर पर खड़ी थी, लेकिन सिस्टम की गलती से दिल्ली में चालान दिखा दिया गया। जब हमने जांच-पड़ताल की, तो पता चला कि वह तकनीकी गलती थी।
अगर आपके साथ भी ऐसा हो, तो घबराकर पैसे भरने की गलती न करें। आज मैं आपको अपना वह तरीका बताने जा रहा हूँ जिससे आप घर बैठे इस गलत चालान को कैंसिल करवा सकते हैं।
1. Paytm या PhonePe को “सच” न मानें (सबसे बड़ी गलती)
चालान का मैसेज आते ही हम डर के मारे Paytm, PhonePe या GPay खोलते हैं। वहां अगर चालान दिख जाता है, तो हम तुरंत ‘Pay Now’ दबा देते हैं। रुकिए! मेरे पर्सनल एक्सपीरियंस में मैंने देखा है कि कई बार थर्ड-पार्टी ऐप्स (Third-party Apps) पुराना डेटा दिखाते हैं या ग्लिच की वजह से “फर्जी चालान” भी शो कर देते हैं। नियम: पेमेंट ऐप सिर्फ सुविधा के लिए हैं, सबूत के लिए नहीं। जब तक सरकारी वेबसाइट पर कन्फर्म न हो, तब तक 1 रुपया भी न दें।
2. असली सच्चाई यहां चेक करें (Parivahan Website)
सबसे पहले गूगल पर echallan.parivahan.gov.in सर्च करें। यह भारत सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट है।
- अपना गाड़ी नंबर डालें।
- अगर वहां “Challan Not Found” लिखा आ रहा है, और आपके Paytm पर 2000 का चालान दिख रहा है, तो खुश हो जाइए। आपको कोई पैसा नहीं देना है, वह ऐप की गलती है।
3. अगर सच में चालान दिख रहा है, तो “फोटो” मांगें
अगर वेबसाइट पर भी चालान दिख रहा है, तो वहां एक ऑप्शन होता है— “View Image” (फोटो देखें)। 90% मामलों में यहीं दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता है।
- हो सकता है नंबर प्लेट गंदी हो और कैमरे ने ‘C’ को ‘0’ पढ़ लिया हो।
- फोटो में गाड़ी किसी और की हो, और चालान आपको आ गया हो। अगर फोटो आपकी गाड़ी की नहीं है, या धुंधली है, तो बस उसका स्क्रीनशॉट ले लें। यही आपका सबसे बड़ा हथियार है।
4. सबूत इकट्ठा करें (गाड़ी घर पर थी)
मेरे केस में, हमने साबित किया कि हमारी बोलेरो उस वक्त घर पर थी। आप भी ये सबूत इस्तेमाल कर सकते हैं:
- CCTV फुटेज: अगर घर/ऑफिस के बाहर कैमरा है।
- Google Timeline: आपके फ़ोन की लोकेशन हिस्ट्री जो दिखाएगी कि आप उस वक्त कहां थे।
- पड़ोसी या गार्ड की गवाही: अगर कोई और सबूत न हो।
5. घर बैठे कैंसिल कैसे करवाएं? (Step-by-Step)
आपको RTO के धक्के खाने की जरूरत नहीं है।
- Parivahan वेबसाइट: उसी वेबसाइट पर ‘Grievance’ (शिकायत) का बटन होता है। वहां क्लिक करें, अपना चालान नंबर डालें और सबूत (फोटो/स्क्रीनशॉट) अपलोड कर दें।
- Twitter (X): एक ट्वीट लिखें, उसमें चालान का नंबर, गाड़ी की असली फोटो और सबूत डालें। अपने राज्य की ट्रैफिक पुलिस (जैसे @DCPTrafficDelhi या @UPPoliceTraffic) और नितिन गडकरी जी को टैग कर दें।
- ईमेल: ट्रैफिक पुलिस की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर एक मेल भेजें।
निष्कर्ष (Conclusion)
भाई, मशीन से गलती हो सकती है। मेरे पिताजी ने RTO से डिटेल निकलवाई तो पता चला कुछ था ही नहीं, सब सिस्टम का एरर था। इसलिए, “डर के आगे जीत है” वाला फंडा अपनाएं। अगर आपने गलती नहीं की है, तो अपनी जेब ढीली न करें। बस सही जगह अपनी शिकायत पहुंचा दें, चालान खुद-ब-खुद हट जाएगा।
