क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है? आप टोल प्लाजा पर पहुँचे, स्कैनर ने आपका फास्टैग स्कैन नहीं किया। पीछे गाड़ियों की लाइन लग गई और गार्ड ने कहा— “सर, टैग ब्लैकलिस्ट है या रीड नहीं हो रहा, आप कैश (Cash) दे दीजिये।”
जल्दी में आपने कैश दे दिया और बैरियर खुल गया। लेकिन जैसे ही आप 2 किलोमीटर आगे गए, फ़ोन पर मैसेज आया— “Rs. 150 deducted from your FASTag.”
यानी नुकसान डबल! कैश भी गया और बैलेंस भी गया।
ऐसी स्थिति में खून खौलना लाजमी है, लेकिन टोल नाके पर वापस जाकर लड़ने का कोई फायदा नहीं होता। मैं आपको वह सीक्रेट तरीका बता रहा हूँ जिससे 24 से 48 घंटे में आपके पैसे वापस आपके वॉलेट में आ जाएंगे।
1. सबसे जरूरी नियम: “पर्ची” मत फेंकना (The Golden Proof)
जब भी स्कैनर काम न करे और आपको मजबूरन कैश देना पड़े, तो गार्ड से कैश रसीद (Cash Receipt) जरूर मांगें। यही वह सबूत है जो साबित करेगा कि आपने उस टाइम पर कैश दिया था। 90% लोग गुस्से में रसीद नहीं लेते या फेंक देते हैं, और यहीं वे रिफंड का चांस खो देते हैं।
2. जादुई नंबर: 1033 (Helpline)
NHAI (National Highways Authority of India) ने इसके लिए एक हेल्पलाइन बनाई है जो बहुत कम लोग जानते हैं।
- अपने फ़ोन से 1033 डायल करें।
- यह “टोल फ्री” नंबर है। वहां एग्जीक्यूटिव को बताएं कि टोल प्लाजा का नाम क्या था और आपके साथ क्या हुआ।
- वे आपकी शिकायत दर्ज करेंगे (Ticket Raise करेंगे)। कई बार सिर्फ इतना करने से ही काम हो जाता है।
3. बैंक/ऐप से “Dispute” कैसे डालें? (असली तरीका)
अगर हेल्पलाइन से बात न बने, तो अपने Fastag ऐप (Paytm, Park+, या बैंक ऐप) पर जाएं।
- Passbook सेक्शन में जाएं।
- उस ट्रांजैक्शन को चुनें जो गलत कटा है।
- वहां “Raise a Dispute” या “Report Issue” का बटन होगा।
- ऑप्शन चुनें: “Paid Cash but amount deducted” (कैश दिया पर पैसे कट गए)।
- अब अपनी कैश रसीद की फोटो खींचकर अपलोड कर दें।
बैंक को 7 दिन के अंदर यह पैसा रिफंड करना ही पड़ता है, यह RBI का नियम है।
4. क्या स्कैनर खराब होने पर टोल “फ्री” होता है?
जी हाँ! NHAI का एक नियम है जिसे आप गार्ड को बता सकते हैं। नियम: अगर आपके फास्टैग में बैलेंस है और गाड़ी की विंडशील्ड पर टैग सही लगा है, लेकिन उनका स्कैनर खराब है, तो आपको एक रुपया भी देने की जरूरत नहीं है। आपको फ्री में जाने का अधिकार है। (नोट: यह नियम प्राइवेट टोल पर अलग हो सकता है, लेकिन NHAI के टोल पर लागू है।)
मेरा सुझाव (Conclusion)
अगली बार अगर टोल पर स्कैनर न चले, तो घबराएं नहीं। शांति से कैश दें, रसीद लें और घर जाकर रिफंड क्लेम करें। लड़ाई करके अपना बीपी (BP) बढ़ाने से अच्छा है, सिस्टम का इस्तेमाल करके पैसे वापस लेना।
