आप घर से निकले, पैरों में हवाई चप्पल थी और बाइक या कार लेकर चल दिए। अचानक दोस्तों ने डरा दिया— “अरे भाई, चप्पल में गाड़ी मत चला, पुलिस पकड़ लेगी, 1000 का चालान है!”
क्या यह सच है? या यह सिर्फ एक अफवाह है? भारत में 80% लोग मानते हैं कि यह गैर-कानूनी है। लेकिन Motor Vehicle Act की सच्चाई कुछ और ही है।
आज हम आपको बता रहे हैं कि नियम असल में किसके लिए है— प्राइवेट (Private) वालों के लिए या कमर्शियल (Commercial) वालों के लिए?
1. क्या कहता है कानून? (The Legal Rule)
आपको जानकर हैरानी होगी कि Motor Vehicle Act 1988 (और नए संशोधन) में प्राइवेट गाड़ी (Private Car/Bike) चलाने वालों के लिए फुटवियर (Footwear) को लेकर कोई विशेष नियम नहीं लिखा है।
- सच्चाई: अगर आप अपनी पर्सनल कार या स्कूटर चला रहे हैं, तो कानूनी तौर पर चप्पल पहनने पर कोई चालान नहीं है। ट्रैफिक पुलिस सिर्फ चप्पल पहनने के लिए आपका चालान नहीं काट सकती।
2. तो फिर चालान किसका कटता है? (Commercial Vehicles)
नियम दरअसल कमर्शियल ड्राइवरों (ट्रक, बस, ऑटो, टैक्सी) के लिए है।
- Dress Code: कमर्शियल गाड़ी चलाने वालों के लिए एक ड्रेस कोड होता है। उन्हें गाड़ी चलाते वक्त जूते (Shoes) पहनना अनिवार्य है।
- अगर कोई ट्रक या बस ड्राइवर चप्पल में पकड़ा जाता है, तो उस पर ड्रेस कोड उल्लंघन का जुर्माना लग सकता है।
3. लेकिन… यह ‘खतरनाक’ जरुर है! (The Safety Aspect)
भले ही कानून आपको न रोके, लेकिन सुरक्षा (Safety) के लिहाज से चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है।
- पकड़ (Grip): रबर की चप्पलें अक्सर पसीने या बारिश में फिसल जाती हैं।
- फंसना (Entanglement): कई बार ढीली चप्पल क्लच (Clutch) या ब्रेक पेडल (Brake Pedal) के नीचे फंस जाती है।
- दुर्घटना: सोचिये, आपको इमरजेंसी ब्रेक लगाना है और आपकी चप्पल पेडल के नीचे फंसी है… यह 1 सेकंड की देरी एक्सीडेंट करवा सकती है।
4. पुलिस चालान कैसे काट सकती है? (The Loophole)
हालांकि चप्पल का सीधा चालान नहीं है, लेकिन पुलिस “Dangerous Driving” (लापरवाही से गाड़ी चलाना) की धारा के तहत आपको रोक सकती है अगर उन्हें लगता है कि आपकी चप्पल की वजह से गाड़ी का कंट्रोल बिगड़ रहा है।
- सलाह: पुलिस से बहस करने के बजाय, अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा जूते (Shoes) या सैंडल (Strap-on Sandals) पहनकर ही ड्राइव करें। नंगे पैर (Barefoot) चलाना चप्पल से बेहतर माना जाता है क्योंकि उसमें ग्रिप अच्छी मिलती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अफवाहों पर ध्यान न दें। अपनी पर्सनल गाड़ी में चप्पल पहनने पर चालान का कोई सीधा नियम नहीं है। लेकिन “जान है तो जहान है”—₹500 के जूते पहनना लाखों की जान बचाने से सस्ता है।
क्या आप भी मार्केट जाते वक्त चप्पल में ही बाइक उठा लेते हैं? कमेंट में सच बताएं!
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